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इच्छाओं का घर


  • इच्छाओं का घर— कहाँ है?
    क्या है मेरा मन या मस्तिष्क या फिर मेरी सुप्त चेतना?
     
    इच्छाएं हैं भरपूर, जोरदार और कुछ मजबूर.
    पर किसने दी हैं ये इच्छाएं?
    क्या पिछले जनमों से चल कर आयीं
    या शायद फिर प्रभु ने ही हैं मन में समाईं?
     
    पर क्यों हैं और क्या हैं ये इच्छाएं?
     
    क्या इच्छाएं मार डालूँ?
    या फिर उन पर काबू पा लूं?
    और यदि हाँ तो भी क्यों?
     
    जब प्रभु की कृपा से हैं मन में समाईं?
    तो फिर क्या है उनमें बुराई?


  • ichchhaaon kaa ghar— kahaan hai?
    kyaa hai meraa man yaa mastiSk yaa fir merii supt chetanaa?
     
    ichchhaaen hain bharapoor, joradaar aur kuchh majaboor.
    par kisane dii hain ye ichchhaaen?
    kyaa pichhale janamon se chal kar aayiin
    yaa shaayad fir prabhu ne hii hain man men samaaiin?
     
    par kyon hain aur kyaa hain ye ichchhaaen?
     
    kyaa ichchhaaen maar Daaloon?
    yaa fir un par kaaboo paa loon?
    aur yadi haan to bhii kyon?
     
    jab prabhu kii kRipaa se hain man men samaaiin?
    to fir kyaa hai unamen buraaii?


  • ਇਚ੍ਛਾਓੰ ਕਾ ਘਰ— ਕਹਾ ਹੈ?
    ਕ੍ਯਾ ਹੈ ਮੇਰਾ ਮਨ ਯਾ ਮਸ੍ਤਿਸ਼੍ਕ ਯਾ ਫਿਰ ਮੇਰੀ ਸੁਪ੍ਤ ਚੇਤਨਾ?
     
    ਇਚ੍ਛਾਏੰ ਹੈੰ ਭਰਪੂਰ, ਜੋਰਦਾਰ ਔਰ ਕੁਛ ਮਜਬੂਰ.
    ਪਰ ਕਿਸਨੇ ਦੀ ਹੈੰ ਯੇ ਇਚ੍ਛਾਏੰ?
    ਕ੍ਯਾ ਪਿਛਲੇ ਜਨਮੋੰ ਸੇ ਚਲ ਕਰ ਆਯੀੰ
    ਯਾ ਸ਼ਾਯਦ ਫਿਰ ਪ੍ਰਭੁ ਨੇ ਹੀ ਹੈੰ ਮਨ ਮੇੰ ਸਮਾਈੰ?
     
    ਪਰ ਕ੍ਯੋੰ ਹੈੰ ਔਰ ਕ੍ਯਾ ਹੈੰ ਯੇ ਇਚ੍ਛਾਏੰ?
     
    ਕ੍ਯਾ ਇਚ੍ਛਾਏੰ ਮਾਰ ਡਾਲੂ?
    ਯਾ ਫਿਰ ਉਨ ਪਰ ਕਾਬੂ ਪਾ ਲੂੰ?
    ਔਰ ਯਦਿ ਹਾ ਤੋ ਭੀ ਕ੍ਯੋੰ?
     
    ਜਬ ਪ੍ਰਭੁ ਕੀ ਕਪਾ ਸੇ ਹੈੰ ਮਨ ਮੇੰ ਸਮਾਈੰ?
    ਤੋ ਫਿਰ ਕ੍ਯਾ ਹੈ ਉਨਮੇੰ ਬੁਰਾਈ?

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