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कोई दीवाना कहता है

  • कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है !
    मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है !!
    मैं तुझसे दूर कैसा हूँ , तू मुझसे दूर कैसी है !
    ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है !!

    मोहब्बत एक अहसासों की पावन सी कहानी है !
    कभी कबिरा दीवाना था कभी मीरा दीवानी है !!
    यहाँ सब लोग कहते हैं, मेरी आंखों में आँसू हैं !
    जो तू समझे तो मोती है, जो ना समझे तो पानी है !!

    समंदर पीर का अन्दर है, लेकिन रो नही सकता !
    यह आँसू प्यार का मोती है, इसको खो नही सकता !!
    मेरी चाहत को दुल्हन तू बना लेना, मगर सुन ले !
    जो मेरा हो नही पाया, वो तेरा हो नही सकता !!

    भ्रमर कोई कुमुदुनी पर मचल बैठा तो हंगामा!
    हमारे दिल में कोई ख्वाब पल बैठा तो हंगामा!!
    अभी तक डूब कर सुनते थे सब किस्सा मोहब्बत का!
    मैं किस्से को हकीक़त में बदल बैठा तो हंगामा!!

     

  • Koi Deewana Kehta Hai Koi Pagal Samajhta Hai

    Magar Dharti Ki Bechani Ko Bus Badal Samajhta Hai

    Mein Tujhse Door Kaisa Hoon, Tu Mujhse Door Kaisi Hai

    Ye Tera Dil Samajhta Hai Ya Mera Dil Samajhta Hai

     

    Mohhabat Ek Ehsason Ki Pavan Si Kahani Hai

    Kabhi Kabira Deewana Tha Kabhi Meera Deewani Hai

    Yahan Sab Log Kehte Hain Meri Aakhon Mein Aansu Hai

    Jo Tu Samjhe To Moti Hai Jo Na Samjhe To Pani Hai

     

    Samander Peer Ka Aander Hai Lekin Ro Nahi Sakta

    Ye Aansu Pyar Ka Moti Hai Isko Kho Nahi Sakta

    Meri Chahata Ko Dulhan Tu Bana Lena Magar Sun Le

    Jo Mera Ho Nahi Paya Wo Tera Ho Nahi Sakta

     

    Bhramar Koi Kumudani Par Machal Baitha To Hungama

    Hamare Dil Mein Koi Khawab Pal Baitha To Hungama

    Aabhi Tak Doob Kar Sunte The Sab Kissa Mohhabat Ka

    Mein Kisse Ko Hakikat Mein Badal Baitha To Hungama

     

  • کوئی دیوانہ کہتا ہے کوئی پاگل سمجھتا ہے

    مگر دھرتی کی بیچینی کو بس بَدَل سمجھتا ہے

    میں تجھ سے دور کیسا ہوں ، تو مجھ سے دور کیسی ہے

    یہ تیرا دِل سمجھتا ہے یا میرا دِل سمجھتا ہے

    محبت اک احساسوں کی پاvان سی کہانی ہے

    کبھی كبیرہ دیوانہ تھا کبھی میرا دیوانی ہے

    یہاں سب لوگ کہتے ہیں میری آنکھوں میں آنسو ہے

    جو تو سمجھے تو موتی ہے جو نا سمجھے تو پانی ہے

    سمندر پیر کا آندیر ہے لیکن رو نہیں سکتا

    یہ آنسو پیار کا موتی ہے اسکو کھو نہیں سکتا

    میری چاہتا کو دلہن تو بنا لینا مگر سن لے

    جو میرا ہو نہیں پایا وہ تیرا ہو نہیں سکتا

    بھرمار کوئی کمدنی پر مچل بیٹھا تو ہنگامہ

    ہمارے دِل میں کوئی خواب پل بیٹھا تو ہنگامہ

    ابھی تک ڈوب کر سنتے تھے سب قصہ محبت کا

    میں قصے کو حقیقت میں بَدَل بیٹھا تو ہنگامہ

  • ਕੋਈ ਦੀਵਾਨਾ ਕਹਤਾ ਹੈ, ਕੋਈ ਪਾਗਲ ਸਮਝਤਾ ਹੈ !
    ਮਗਰ ਧਰਤੀ ਕੀ ਬੇਚੈਨੀ ਕੋ ਬਸ ਬਾਦਲ ਸਮਝਤਾ ਹੈ !!
    ਮੈੰ ਤੁਝਸੇ ਦੂਰ ਕੈਸਾ ਹੂ , ਤੂ ਮੁਝਸੇ ਦੂਰ ਕੈਸੀ ਹੈ !
    ਯੇ ਤੇਰਾ ਦਿਲ ਸਮਝਤਾ ਹੈ ਯਾ ਮੇਰਾ ਦਿਲ ਸਮਝਤਾ ਹੈ !!

    ਮੋਹਬ੍ਬਤ ਏਕ ਅਹਸਾਸੋੰ ਕੀ ਪਾਵਨ ਸੀ ਕਹਾਨੀ ਹੈ !
    ਕਭੀ ਕਬਿਰਾ ਦੀਵਾਨਾ ਥਾ ਕਭੀ ਮੀਰਾ ਦੀਵਾਨੀ ਹੈ !!
    ਯਹਾ ਸਬ ਲੋਗ ਕਹਤੇ ਹੈੰ, ਮੇਰੀ ਆੰਖੋੰ ਮੇੰ ਆਸੂ ਹੈੰ !
    ਜੋ ਤੂ ਸਮਝੇ ਤੋ ਮੋਤੀ ਹੈ, ਜੋ ਨਾ ਸਮਝੇ ਤੋ ਪਾਨੀ ਹੈ !!

    ਸਮੰਦਰ ਪੀਰ ਕਾ ਅਨ੍ਦਰ ਹੈ, ਲੇਕਿਨ ਰੋ ਨਹੀ ਸਕਤਾ !
    ਯਹ ਆਸੂ ਪ੍ਯਾਰ ਕਾ ਮੋਤੀ ਹੈ, ਇਸਕੋ ਖੋ ਨਹੀ ਸਕਤਾ !!
    ਮੇਰੀ ਚਾਹਤ ਕੋ ਦੁਲ੍ਹਨ ਤੂ ਬਨਾ ਲੇਨਾ, ਮਗਰ ਸੁਨ ਲੇ !
    ਜੋ ਮੇਰਾ ਹੋ ਨਹੀ ਪਾਯਾ, ਵੋ ਤੇਰਾ ਹੋ ਨਹੀ ਸਕਤਾ !!

    ਭ੍ਰਮਰ ਕੋਈ ਕੁਮੁਦੁਨੀ ਪਰ ਮਚਲ ਬੈਠਾ ਤੋ ਹੰਗਾਮਾ!
    ਹਮਾਰੇ ਦਿਲ ਮੇੰ ਕੋਈ ਖ੍ਵਾਬ ਪਲ ਬੈਠਾ ਤੋ ਹੰਗਾਮਾ!!
    ਅਭੀ ਤਕ ਡੂਬ ਕਰ ਸੁਨਤੇ ਥੇ ਸਬ ਕਿਸ੍ਸਾ ਮੋਹਬ੍ਬਤ ਕਾ!
    ਮੈੰ ਕਿਸ੍ਸੇ ਕੋ ਹਕੀਕਤ ਮੇੰ ਬਦਲ ਬੈਠਾ ਤੋ ਹੰਗਾਮਾ!!

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