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अँधेरों से कब तक नहाते रहेंगे

अँधेरों से कब तक नहाते रहेंगे । हमें ख़्वाब कब तक ये आते रहेंगे । हमें पूछना सिर्फ़ इतना है कब तक, वो सहरा में दरिया बहाते रहेंगे । ख़ुदा न करे गिर पड़े कोई, कब तक, वे गढ्ढों पे चादर बिछाते रहेंगे । बहुत सब्र हममें अभी भी है बाक़ी, हमें आप क्या आजमाते रहेंगे । कहा पेड़ ने आशियानों से कब तक, ये तूफ़ान हमको मि...
Posted On 03 Jun 2013
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ये शराब शबाब से बनी है

अपने एहबाब से बनी हैं ये महफ़िल आदाब से बनी हैं इस की जागीर यहां का इक इक लम्हा ज़िंदगी ख्वाब से बनी हैं यहां हैं आसूओं का इक समंदर ये ज़मीं आब से बनी हैं चांद का अक्स भी हैं इस में शामिल ये झील माहताब से बनी हैं असर इस का बडी मुरव्वत से होगा ये शराब शबाब ...
Posted On 03 Jun 2013
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याद रखना…

बाते फ़कीरोंकी होती हैं क़ामिल…याद रखना… वक़्त रुकता नहीं कभी पलभर…याद रखना… मुसाफ़िर चलते हैं राह में फ़िर खो जाते हैं… राह दिखाता है रास्ता एक दिन…याद रखना… कोशिशे करनेसे कभी मंज़िले नहीं मिलती… खुल जाता है दर खुद ब खुद…याद रखना… मिला है इबादत से किसको ...
Posted On 03 Jun 2013
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इन्सानों में मैने दिल की तलाश की हैं…

इन्सानों में मैने दिल की तलाश की हैं… हर जिस्म में मैने सांसों की तलाश की हैं… बाग़ में उडते हुए हर तितली के पिछे… हर फूल में मैने खुशबू की तलाश की हैं… सितारोंके आगे इक जहां और भी हैं… रातों में मैने कहकशां की तलाश की हैं… लहराते इन मौजों में खो गएं हैं लोग… सागर में मै...
Posted On 03 Jun 2013
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